हरविंदर सिंह संधू के नेतृत्व में भाजपाईयों ने शहीद भगत सिंह को दी श्रद्धांजलि।
अमृतसर, 23 मार्च 2026
शहीदी दिवस इस बात की याद दिलाता है कि भारत की आजादी बलिदान और साहस के बल पर अर्जित की गई थी। देश के स्वतंत्रता संग्राम में हजारों ऐसे नौजवान भी थे, जिन्होंने अपनी ताकत के बल पर आजादी दिलाने की ठानी और क्रांतिकारी कहलाए। इन शब्दों का प्रगटावा भाजपा जिलाध्यक्ष हरविंदर सिंह संधू ने भाजपा कार्यालय शहीद हरबंस लाल स्मारक में शहीद भगत सिंह को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करने के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक व प्रदेश महासचिव राकेश राठौर, डॉ. जगमोहन सिंह राजू (पूर्व आईएएस) विशेष रूप से उपस्थित हुए।
उनके साथ सुखमिंदर सिंह पिंटू, डॉ. राम चावला, कुमार अमित, जिला महासचिव मनीष शर्मा व सलिल कपूर, बख्शी राम अरोड़ा, गुरप्रताप सिंह टिक्का, अजयबीर पाल सिंह रंधावा आदि भी उपस्थित थे
हरविंदर सिंह संधू ने इस अवसर पर कहा कि शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को अंग्रेजों ने 23 मार्च, 1931 को लाहौर षड्यंत्र मामले में फांसी दी थी। हर साल 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है, जो हम सबको देश के महान क्रांतिकारियों के बलिदान की याद दिलाता है।
इसी दिन शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए थे। यह दिन न केवल उनके साहस और देशभक्ति को नमन करने का अवसर है, बल्कि नई पीढ़ी को उनके आदर्शों और संघर्ष से प्रेरणा लेने का भी संदेश देता है। उनका साहस हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों की आधारशिला है। उनके शहीदी दिवस पर हम न्याय और स्वतंत्रता के उनके आदर्शों को कायम रखने का संकल्प लेना चाहिए, जिनके लिए उन्होंने संघर्ष किया। उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी शहादत की स्मृति में इस दिन को ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। फांसी के समय तीनों क्रांतिकारी की उम्र 25 वर्ष से कम की थी।
इस अवसर पर संजीव अरोड़ा, जसपाल सिंह शंटू, सविता महाजन, पार्षद कृति अरोड़ा, मनोहर सिंह, सतपाल डोगरा, मनिंदर सिंह ठेकेदार, सुशील देवगन, मनीष शूर, यशपाल शोरी, गौरव भंडारी आदि सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।



