शहीद तरसेम सिंह बहार के 37वें बलिदान दिवस पर भाजपाईयों ने दी भावभीनी श्रद्धांजली।
अमृतसर: 5 जनवरी ( कलजीत सिंह )
तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय मंत्री भारतीय जनता युवा मोर्चा शहीद तरसेम सिंह बहार को आज उनके 37वें बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में जिला भाजपा कार्यालय शहीद हरबंस लाल खन्ना स्मारक में आयोजित श्रद्धांजली कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। भाजपा जिला अध्यक्ष हरविंदर सिंह संधू के नेतृत्व में भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश महासचिव राकेश राठौर तथा डॉ. जगमोहन सिंह राजू (पूर्व आईएएस) ने विशेष रूप से पहुँच कर श्रद्धांजली दी। इस अवसर पर उनके साथ राकेश गिल, बख्शी राम अरोड़ा, डॉ. जसविंदर सिंह ढिल्लों, सुखमिंदर सिंह पिंटू, डॉ. राम चावला, कुमार अमित, जिला महासचिव मनीष शर्मा व सलिल कपूर, गुरप्रताप सिंह टिक्का, अजयबीर पाल सिंह रंधावा, पार्षद श्रुति विज आदि ने भी अपने-अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इससे पूर्व शहीद तरसेम सिंह बहार समिति के अध्यक्ष रमन शर्मा के नेतृत्व में जिला भाजपा कार्यालय में हवन-यज्ञ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस हवन यज्ञ में कार्यालय सचिव सतपाल डोगरा, सोम देव शर्मा व उपस्थित कार्यकर्ताओं ने शहीद तरसेम सिंह बहार को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
हरविंदर सिंह संधू ने इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहाकि तरसेम सिंह बहार ने देश की एकता व अखंडता के लिए अपना बलिदान दिया था। पंजाब में जब आतंकवाद का काला दौर चरम सीमा पर था, तब शहीद तरसेम सिंह बहार अपनी जान की परवाह किए बिना देश की जनता की आवाज बने और आंतकवादियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर आतंकवादियों के षड़यंत्र को विफल किया। उनकी शहादत को 37 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन उनकी शिक्षा आज भी हम सब का मार्ग दर्शन करती है। उन्होंने कहाकि भाजपा ने अपना एक निर्भीक व साहसी कार्यकर्ता खोया, लेकिन देश की एकता व अखंडता के लिए उन्होंने जो आहुति दी, उसके चलते ही पंजाब में स्थाई शांति कायम हो सकी है।
रमन शर्मा ने कहाकि शहीद तरसेम सिंह बहार युवा कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत थे। आतंकवादियों ने उनको शहीद किया, लेकिन उनकी विचारधारा ने भाजपा को जन-भावना की सेवा करने का महान अवसर दिया। तरसेम बहार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी शहादत राजनीति की आवाज को एक नया आयाम दे गई थी। जिसकी बदौलत पंजाब में लोकतंत्र की पुन: स्थापना हुई। उन्होंने कहा कि शहीद तरसेम सिंह बहार को आंतकवादियों ने 5 जनवरी 1989 को सुल्तानविंड रोड इलाके में गोलियां मार कर शहीद कर दिया था और समिति हर वर्ष उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजली समारोह अयोजित कर उनको नमन करती है। उन्होंने सभी से बहार के दर्शाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।




